हरिद्वार में अवैध प्लाटिंग पर HRDA का बड़ा एक्शन, हरिद्वार-लक्सर रोड कटारपुर चौक नहर पटरी, रुड़की रोड, मंगलौर,ईदगाह के पीछे गाढ़ोवाली रोड और जमालपुर में गरजा प्राधिकरण का बुलडोज़र
हरिद्वार। हरिद्वार-लक्सर रोड और आसपास के क्षेत्रों में बिना स्वीकृति की जा रही अवैध प्लाटिंग और कॉलोनी विकसित करने के मामलों में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) ने कार्रवाई तेज कर दी है। प्राधिकरण की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर किए जा रहे अनाधिकृत विकास कार्यों को जेसीबी की मदद से ध्वस्त किया और निर्माणकर्ताओं को बिना स्वीकृति निर्माण कार्य नहीं करने के निर्देश दिए।
प्राधिकरण की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, महिंद्रा ट्रैक्टर्स शोरूम के सामने, कटारपुर चौक से आगे लक्सर रोड, हरिद्वार में लगभग 30 बीघा भूमि पर कथित रूप से अवैध प्लाटिंग कर सीसी रोड आदि का निर्माण किया जा रहा था। इसके अलावा करीब 15 बीघा भूमि पर ईंट की चिनाई, सड़क और प्लाटिंग के माध्यम से कॉलोनी विकसित करने का कार्य किए जाने की जानकारी सामने आई। प्राधिकरण ने संबंधित निर्माणकर्ताओं के विरुद्ध अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत वाद दायर किए।
इसी क्रम में नहर पटरी, रुड़की रोड, मंगलौर, तहसील रुड़की क्षेत्र में लगभग 2 से 3 बीघा भूमि पर कॉलोनी विकसित किए जाने का मामला भी सामने आया। प्राधिकरण के अनुसार, यहां भी बिना आवश्यक स्वीकृति के विकास कार्य किए जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान अनाधिकृत प्लाटिंग और विकास कार्यों को ध्वस्त किया गया।
वहीं, 3 सितंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में हरिद्वार के कई अन्य क्षेत्रों में भी कार्रवाई की जानकारी दी गई। ईदगाह के पीछे गाढ़ोवाली रोड पर करीब 11 बीघा भूमि में कथित अवैध प्लाटिंग कर कॉलोनी विकसित करने का कार्य किए जाने की बात कही गई है। इसी क्षेत्र में अंकुर गर्ग की कॉलोनी के पीछे, आम के बाग के पास करीब 6 से 7 बीघा भूमि पर आरसीसी सड़क का निर्माण कर प्लाटिंग किए जाने का मामला भी प्राधिकरण के संज्ञान में आया।
इसके अलावा गायत्री माता मंदिर के बगल में, राजकीय प्राथमिक विद्यालय के सामने जमालपुर, हरिद्वार में करीब 4 से 5 बीघा भूमि पर कच्चा रास्ता बनाकर कॉलोनी काटने का कार्य किए जाने की जानकारी दी गई। इन मामलों में भी प्राधिकरण द्वारा संबंधित पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार वाद दायर किए गए।
प्राधिकरण का कहना है कि संबंधित निर्माणकर्ताओं को स्थल पर निर्माण कार्य बंद करने के लिए लगातार निर्देशित किया गया था। इसके बावजूद कथित तौर पर निर्माण कार्य जारी रहने पर प्राधिकरण की टीम ने जेसीबी की सहायता से अनाधिकृत प्लाटिंग और विकास कार्यों को ध्वस्त किया।
कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद संबंधित लोगों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त किए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण अथवा विकास कार्य न किया जाए। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि बिना अनुमति किए जा रहे ऐसे निर्माणों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।