उपाध्यक्ष के निर्देशन में HRDA का मेगा वृक्षारोपण अभियान, कांवड़ पटरी से रोशनाबाद तक लगाए सैकड़ों पौधे

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

हरिद्वार, 16 जुलाई 2026। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला को इस वर्ष भी पूरे प्रदेश में पारंपरिक उत्साह, उल्लास और प्रकृति संरक्षण के संदेश के साथ मनाया गया। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) ने उपाध्यक्ष के निर्देशों के अनुपालन में हरेला पर्व के अवसर पर वृहद पौधारोपण अभियान चलाया। प्राधिकरण की टीम ने कांवड़ पटरी, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के निकट तथा रोशनाबाद क्षेत्र में बड़ी संख्या में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और हरित उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प लिया।

इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण सुनिश्चित करने का संदेश देना भी था। अभियान के दौरान बेलपत्र, नीम, बरगद, जामुन, गुलमोहर, आंवला, पीपल, कचनार और अमलतास सहित अनेक छायादार, फलदार और औषधीय महत्व वाले पौधे लगाए गए। पौधारोपण के साथ-साथ सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने इन पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प लिया, ताकि भविष्य में ये पौधे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सोनिका ने कहा
“हरेला पर्व हमें प्रकृति से जुड़ने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। पौधारोपण तभी सार्थक होगा जब हम लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करें। सभी नागरिक अधिक से अधिक पौधे लगाएं, उनका संरक्षण करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण में अपना योगदान दें।”
वृक्षारोपण कार्यक्रम में हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के सचिव प्रत्यूष सिंह, सहायक अभियंता प्रशांत सेमवाल, उद्यान अधिकारी आशाराम जोशी सहित प्राधिकरण के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने स्वयं पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और अधिक से अधिक पौधारोपण करने के लिए लोगों को प्रेरित किया।

इस अवसर पर सचिव प्रत्यूष सिंह ने प्रदेशवासियों एवं क्षेत्रवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरेला उत्तराखंड की संस्कृति और प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक नागरिक को पौधारोपण को अपनी जिम्मेदारी समझना होगा। उन्होंने अपील की कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

सहायक अभियंता प्रशांत सेमवाल ने बताया कि उपाध्यक्ष के निर्देशों के क्रम में हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण की टीम हरेला पर्व के अवसर पर व्यापक स्तर पर पौधारोपण कर रही है। उन्होंने कहा कि जामुन, नीम, आंवला सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे जा रहे हैं और पूरी टीम इन पौधों के संरक्षण के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि जब आने वाली पीढ़ियां इन पौधों को विशाल वृक्ष के रूप में देखेंगी तो उन्हें यह अनुभव होगा कि प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी निभाने का यह प्रयास कितना महत्वपूर्ण था।
उद्यान अधिकारी आशाराम जोशी ने कहा “हरेला पर्व हमें प्रकृति से जुड़ने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। पौधारोपण तभी सार्थक होगा जब हम लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करें। सभी नागरिक अधिक से अधिक पौधे लगाएं, उनका संरक्षण करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण में अपना योगदान दें।”

उन्होंने कहा कि प्राधिकरण केवल पौधे लगाने तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में भी इनके संरक्षण और संवर्धन का कार्य पूरी जिम्मेदारी के साथ करेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपने-अपने स्तर पर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशील और सजग रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक संस्था का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है और हर व्यक्ति का छोटा-सा प्रयास भी प्रकृति को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेते हुए हरित एवं स्वच्छ उत्तराखंड के निर्माण में निरंतर योगदान देने का संकल्प दोहराया। हरेला पर्व के अवसर पर हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण की यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है, जिसने समाज को यह संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा ही आने वाले कल की सबसे बड़ी सुरक्षा है।रुई

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