रुड़की के केंद्रीय विद्यालय फेस-1 में छात्र की आंख फूटने पर हंगामा,परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

रुड़की। रुड़की के खंजरपुर स्थित केंद्रीय विद्यालय फेस-1 में कक्षा छह के एक छात्र की आंख गंभीर रूप से घायल होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घायल छात्र के परिजनों ने बड़ी संख्या में स्कूल पहुंचकर जोरदार हंगामा किया और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि स्कूल परिसर में हुई इस घटना के बाद न तो प्रबंधन ने अपनी जिम्मेदारी निभाई और न ही छात्र के परिवार ने घायल बच्चे का हालचाल जानने की कोशिश की।
जानकारी के अनुसार, 4 जुलाई 2026 को स्कूल परिसर में दो छात्रों के बीच विवाद हो गया था। आरोप है कि इसी दौरान एक छात्र ने स्टील के फीते (स्टील स्केल) से दूसरे छात्र पर वार किया। बीच-बचाव के दौरान फीता पीछे खड़े 13 वर्षीय छात्र नक्श धारी की आंख में जा लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल छात्र को पहले रुड़की के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे गंभीर स्थिति में हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। इसके बाद जौलीग्रांट अस्पताल में उसका ऑपरेशन किया गया। परिजनों का दावा है कि डॉक्टरों ने आंख की रोशनी बचने की संभावना बेहद कम बताई है।
घायल छात्र के पिता, जो रेडी ठेली लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, ने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और उनका परिवार इस हादसे से पूरी तरह टूट गया है। उनका कहना है कि उन्हें किसी तरह का मुआवजा नहीं चाहिए, बल्कि उनके बेटे को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर हमारे बच्चे की आंख सही नही हुई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। हमें इंसाफ चाहिए।”
पीड़ित परिवार का आरोप है कि स्कूल में अक्सर छात्रों के बीच झगड़े होते रहते हैं, लेकिन शिक्षक उन्हें गंभीरता से नहीं लेते। इसी लापरवाही का परिणाम यह बड़ा हादसा है। उनका कहना है कि घटना के बाद स्कूल प्रबंधन घायल बच्चे के साथ अस्पताल गया और एडमिट कराये बिना गेट से ही वापस लौट गया अंदर तक नहीं गया और न ही उसकी जिम्मेदारी ली। वहीं जिस छात्र पर हमला करने का आरोप है, उसके अभिभावकों ने भी घायल बच्चे का हालचाल तक नहीं पूछा।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने मामले की शिकायत सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस को दी थी, लेकिन बच्चों का मामला बताते हुए उनकी तहरीर लेने से मना कर दिया गया। इस बात को लेकर भी परिवार में नाराजगी है।
वहीं स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और उन्हें भी इसका गहरा दुख है। स्कूल के एक जिम्मेदार अधिकारी ने कहा कि वे स्वयं भी अभिभावक हैं और ऐसी घटनाएं सभी के लिए पीड़ादायक होती हैं। उनका कहना है कि इलाज और अन्य मामलों को लेकर बातचीत की जा रही थी, लेकिन परिजन आक्रोशित होकर हंगामा करने लगे, जिससे बातचीत पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने मुआवजे के सवाल पर कहा कि शांतिपूर्ण माहौल में बातचीत के जरिए ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।
फिलहाल इस मामले ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ित परिवार स्कूल प्रबंधन और संबंधित छात्र के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और घायल छात्र के परिवार को न्याय कब तक मिल पाता है।इस मौके पर घायल छात्र नक्श धारीवाल के माता पिता मुनेश और रजनी समेत बड़ी संख्या में रिश्तेदार मौजूद रहे जिसमे लवी चौहान,आकाश धारीवाल आदि मौजूद रहे।

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