रुड़की महायोजना-2041 पर जनता की राय सुनने के लिए आयोजित हुई सुनवाई, आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से करेगा प्राधिकरण विचार

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की, 08 जुलाई 2026।
हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) द्वारा रुड़की महायोजना-2041 (प्रारूप) पर आमंत्रित आपत्तियों एवं सुझावों के संबंध में बुधवार को प्राधिकरण के शाखा कार्यालय में विस्तृत सुनवाई आयोजित की गई। इस दौरान शहर के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर नागरिकों, भूमि स्वामियों, संस्थाओं एवं अन्य हितधारकों ने अपने सुझाव और आपत्तियां अधिकारियों के समक्ष रखीं। अधिकारियों ने सभी पक्षों की बात गंभीरता से सुनते हुए प्रत्येक बिंदु को रिकॉर्ड में दर्ज किया तथा नियमानुसार परीक्षण का आश्वासन दिया।
सुनवाई के दौरान रुड़की के संयुक्त सचिव दीपक रामचंद्र सेठ की उपस्थिति में प्राधिकरण के सचिव प्रत्युष सिंह, अधीक्षण अभियंता राजन सिंह, सहायक अभियंता टी.एस. पंवार, टाउन प्लानर प्रखर अग्रवाल, कनिष्ठ अभियंता प्रभात कुमार, रिया सैनी, पंकज सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने महायोजना के विभिन्न प्रावधानों से संबंधित प्रस्तुत आपत्तियों एवं सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना और आवश्यक अभिलेखों का भी परीक्षण किया।
रुड़की महायोजना-2041 शहर के आगामी वर्षों के नियोजित विकास का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इस योजना के माध्यम से आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक एवं संस्थागत क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित करने के साथ-साथ सड़क नेटवर्क, यातायात प्रबंधन, हरित क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाओं तथा आधारभूत संरचना को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी उद्देश्य से महायोजना का प्रारूप सार्वजनिक किया गया था, ताकि आम नागरिक अपनी आपत्तियां एवं सुझाव प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत कर सकें।
सुनवाई के दौरान कई लोगों ने भूमि उपयोग परिवर्तन, सड़क चौड़ीकरण, सार्वजनिक सुविधाओं के विकास, कृषि भूमि, हरित क्षेत्र तथा अन्य स्थानीय मुद्दों से संबंधित सुझाव दिए। अधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक आपत्ति और सुझाव का तकनीकी एवं कानूनी पहलुओं के आधार पर परीक्षण किया जाएगा। जो सुझाव जनहित और नियोजन के मानकों के अनुरूप होंगे, उन्हें नियमानुसार महायोजना में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा कि किसी भी शहर की महायोजना तभी सफल हो सकती है जब उसमें जनसहभागिता सुनिश्चित हो। इसलिए नागरिकों द्वारा दिए गए सुझाव भविष्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न की जाएगी तथा सभी पक्षों को समान अवसर दिया जाएगा।
हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण का मानना है कि रुड़की महायोजना-2041 शहर के सुनियोजित और सतत विकास की आधारशिला बनेगी। बढ़ती आबादी, यातायात के दबाव, शहरी विस्तार और आधारभूत सुविधाओं की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही यह योजना आने वाले वर्षों में शहर के विकास की दिशा तय करेगी। इसी उद्देश्य से प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का गहन परीक्षण कर अंतिम महायोजना तैयार की जाएगी, ताकि रुड़की का विकास व्यवस्थित, संतुलित और जनहित के अनुरूप सुनिश्चित किया जा सके।

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